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भारत में एनआरआई विवाह पंजीकरण 2025

नियम, प्रक्रिया, दस्तावेज़, शुल्क और कानूनी लाभ – एक संपूर्ण मार्गदर्शिका

विदेश में रहने वाले अनिवासी भारतीयों (NRI) के लिए विवाह केवल एक सामाजिक संस्कार नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया भी है। भारत या विदेश में हुआ विवाह तभी पूर्ण रूप से वैध माना जाता है जब उसका विवाह पंजीकरण विधिवत रूप से किया गया हो।

एनआरआई विवाह पंजीकरण न केवल आपके रिश्ते को कानूनी मान्यता देता है, बल्कि यह वीज़ा, इमिग्रेशन, संपत्ति अधिकार, उत्तराधिकार और कानूनी सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है।

इस ब्लॉग में हम आपको 2025 के अनुसार एनआरआई विवाह पंजीकरण से जुड़ी हर जरूरी जानकारी सरल भाषा में बताएंगे।

एनआरआई विवाह पर लागू प्रमुख कानून

भारत में एनआरआई विवाह पंजीकरण अलग-अलग कानूनों के अंतर्गत किया जाता है, जो धर्म और परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं:

1. हिंदू विवाह अधिनियम, 1955

  • हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध धर्म मानने वालों पर लागू
  • पहले से संपन्न धार्मिक विवाह का पंजीकरण संभव

2. विशेष विवाह अधिनियम, 1954

  • अंतर-धार्मिक या सिविल विवाह के लिए
  • 30 दिन की अनिवार्य नोटिस अवधि

3. विदेशी विवाह अधिनियम, 1969

  • विदेश में भारतीय दूतावास/वाणिज्य दूतावास में विवाह पंजीकरण के लिए
  • भारत में पूर्ण कानूनी मान्यता

एनआरआई विवाह पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज़

पंजीकरण प्रक्रिया को तेज़ और सरल बनाने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें:

  • विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र (दूल्हा-दुल्हन के हस्ताक्षर सहित)
  • दोनों पक्षों का वैध पासपोर्ट
  • भारत व विदेश का पता प्रमाण
  • जन्मतिथि प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र / 10वीं की मार्कशीट)
  • हालिया पासपोर्ट साइज फोटो
  • विवाह समारोह की तस्वीरें
  • विवाह निमंत्रण पत्र (यदि उपलब्ध)
  • वैवाहिक स्थिति का शपथ पत्र
  • तलाक का आदेश / मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • विदेशी नागरिक के लिए दूतावास से NOC या सिंगल स्टेटस एफिडेविट

भारत में एनआरआई विवाह पंजीकरण की चरणबद्ध प्रक्रिया

चरण 1

यह तय करें कि आपके विवाह पर कौन-सा कानून लागू होगा

चरण 2

विवाह रजिस्ट्रार कार्यालय में विवाह के इरादे की सूचना जमा करें।

चरण 3

विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत 30 दिन की नोटिस अवधि पूरी करें।

चरण 4

निर्धारित तिथि पर दंपति और तीन गवाहों की उपस्थिति अनिवार्य।

चरण 5

सभी पक्ष विवाह रजिस्टर पर हस्ताक्षर करेंगे।

चरण 6

विवाह प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

विदेश में हुए विवाह का पंजीकरण (Foreign Marriage Act)

यदि विवाह विदेश में हुआ है, तो:

  • भारतीय दूतावास/वाणिज्य दूतावास में आवेदन
  • 30 दिन की नोटिस प्रक्रिया
  • विवाह अधिकारी की उपस्थिति में पंजीकरण
  • प्रमाण पत्र भारत में पूर्ण रूप से मान्य

गवाहों की भूमिका और आवश्यकता

  • न्यूनतम 3 गवाह आवश्यक
  • सभी गवाह वयस्क (18+)
  • वैध पहचान पत्र अनिवार्य
  • शारीरिक उपस्थिति आवश्यक

समयसीमा और शुल्क (2025)

  • हिंदू विवाह अधिनियम: 2–7 कार्य दिवस
  • विशेष विवाह अधिनियम: न्यूनतम 30–35 दिन
  • सरकारी शुल्क: राज्य अनुसार अलग-अलग (आमतौर पर नाममात्र)

एनआरआई विवाह में आम कानूनी चुनौतियाँ

  • दूतावास से दस्तावेज़ प्राप्त करने में देरी
  • अंतरराष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र का निर्धारण
  • इमिग्रेशन और स्पाउस वीज़ा नियम
  • वैवाहिक स्थिति का सत्यापन

एनआरआई विवाह पंजीकरण के प्रमुख लाभ

  • विवाह का वैध और वैश्विक प्रमाण
  • स्पाउस वीज़ा के लिए अनिवार्य
  • संपत्ति व उत्तराधिकार अधिकार
  • पासपोर्ट और सरकारी रिकॉर्ड अपडेट
  • कानूनी सुरक्षा और अधिकार

निष्कर्ष

एनआरआई विवाह पंजीकरण एक आवश्यक कानूनी कदम है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समय पर और सही प्रक्रिया अपनाकर आप भविष्य की कई कानूनी जटिलताओं से बच सकते हैं।

यदि सही मार्गदर्शन और दस्तावेज़ प्रबंधन मिले, तो यह प्रक्रिया सरल और तनाव-मुक्त हो सकती है।