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- By Advocate Jagdish Parashar
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विदेश में रहने वाले अनिवासी भारतीयों (NRI) के लिए विवाह केवल एक सामाजिक संस्कार नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया भी है। भारत या विदेश में हुआ विवाह तभी पूर्ण रूप से वैध माना जाता है जब उसका विवाह पंजीकरण विधिवत रूप से किया गया हो।
एनआरआई विवाह पंजीकरण न केवल आपके रिश्ते को कानूनी मान्यता देता है, बल्कि यह वीज़ा, इमिग्रेशन, संपत्ति अधिकार, उत्तराधिकार और कानूनी सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है।
इस ब्लॉग में हम आपको 2025 के अनुसार एनआरआई विवाह पंजीकरण से जुड़ी हर जरूरी जानकारी सरल भाषा में बताएंगे।
भारत में एनआरआई विवाह पंजीकरण अलग-अलग कानूनों के अंतर्गत किया जाता है, जो धर्म और परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं:
पंजीकरण प्रक्रिया को तेज़ और सरल बनाने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें:
यह तय करें कि आपके विवाह पर कौन-सा कानून लागू होगा।
विवाह रजिस्ट्रार कार्यालय में विवाह के इरादे की सूचना जमा करें।
विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत 30 दिन की नोटिस अवधि पूरी करें।
निर्धारित तिथि पर दंपति और तीन गवाहों की उपस्थिति अनिवार्य।
सभी पक्ष विवाह रजिस्टर पर हस्ताक्षर करेंगे।
विवाह प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
यदि विवाह विदेश में हुआ है, तो:
एनआरआई विवाह पंजीकरण एक आवश्यक कानूनी कदम है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समय पर और सही प्रक्रिया अपनाकर आप भविष्य की कई कानूनी जटिलताओं से बच सकते हैं।
यदि सही मार्गदर्शन और दस्तावेज़ प्रबंधन मिले, तो यह प्रक्रिया सरल और तनाव-मुक्त हो सकती है।