- New District Court Lane No. 3, Behind Metro Tower, New City Center, Gwalior (M.P.)
- By Advocate Jagdish Parashar
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आज के समय में Court Marriage उन कपल्स के लिए एक सुरक्षित, आसान और कानूनी तरीका है, जो बिना किसी धार्मिक रस्म या सामाजिक दबाव के शादी करना चाहते हैं।
इंटरनेट पर सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला सवाल है—
“Court Marriage kaise hoti hai?”
“Court Marriage ka process kya hai?”
इस ब्लॉग में हम आपको कोर्ट मैरिज का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस, जरूरी दस्तावेज़, फीस और महत्वपूर्ण बातें आसान भाषा में समझा रहे हैं।
कोर्ट मैरिज Special Marriage Act, 1954 के तहत की जाती है।
इसमें शादी सीधे Marriage Registrar के सामने कानूनी रूप से रजिस्टर होती है।
✔ किसी पंडित या मौलवी की आवश्यकता नहीं
✔ कोई धार्मिक रीति-रिवाज जरूरी नहीं
✔ केवल कानूनी दस्तावेज़ और प्रक्रिया से शादी होती है
इसलिए इसे सबसे सरल और लीगल तरीका माना जाता है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि Court Marriage कैसे होती है, तो नीचे दिए गए 5 स्टेप आपको पूरा प्रोसेस समझा देंगे—
शादी करने वाले लड़का-लड़की को अपने जिले के Marriage Registrar Office में एक लिखित नोटिस देना होता है।
यह नोटिस शादी से 30 दिन पहले देना अनिवार्य है।
नोटिस के साथ नीचे दिए गए दस्तावेज़ जमा किए जाते हैं—
नोटिस जमा होने के बाद रजिस्ट्री ऑफिस इसे 30 दिनों के लिए सार्वजनिक (Public Notice) करता है, ताकि अगर किसी को शादी पर आपत्ति हो तो वह दर्ज कर सके।
30 दिन बाद, अगर कोई आपत्ति नहीं आती, तो—
✔ लड़का-लड़की
✔ 3 गवाह
✔ विवाह रजिस्टार
सामने उपस्थित होकर शादी का रजिस्ट्रेशन करते हैं।
शादी रजिस्टर होते ही आपको Marriage Certificate मिल जाता है।
यही डॉक्यूमेंट आपकी शादी का कानूनी प्रमाण (Legal Proof) होता है।
अगर आप यह सोच रहे थे कि “Court Marriage kaise hoti hai?”, तो उम्मीद है कि अब आपको पूरी जानकारी मिल गई होगी।
यह एक पूरी तरह सुरक्षित, कानूनी और सरल प्रक्रिया है, जिसमें सही दस्तावेज़ और 30-दिवसीय नोटिस के बाद शादी आसानी से रजिस्टर हो जाती है।