Court Marriage Kaise Hoti Hai?

आज के समय में Court Marriage उन कपल्स के लिए एक सुरक्षित, आसान और कानूनी तरीका है, जो बिना किसी धार्मिक रस्म या सामाजिक दबाव के शादी करना चाहते हैं।
इंटरनेट पर सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला सवाल है—
“Court Marriage kaise hoti hai?”
“Court Marriage ka process kya hai?”

इस ब्लॉग में हम आपको कोर्ट मैरिज का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस, जरूरी दस्तावेज़, फीस और महत्वपूर्ण बातें आसान भाषा में समझा रहे हैं।

⭐ Court Marriage क्या है?

कोर्ट मैरिज Special Marriage Act, 1954 के तहत की जाती है।
इसमें शादी सीधे Marriage Registrar के सामने कानूनी रूप से रजिस्टर होती है।

✔ किसी पंडित या मौलवी की आवश्यकता नहीं
✔ कोई धार्मिक रीति-रिवाज जरूरी नहीं
✔ केवल कानूनी दस्तावेज़ और प्रक्रिया से शादी होती है

इसलिए इसे सबसे सरल और लीगल तरीका माना जाता है।

Court Marriage Process (Step-by-Step Guide)

अगर आप जानना चाहते हैं कि Court Marriage कैसे होती है, तो नीचे दिए गए 5 स्टेप आपको पूरा प्रोसेस समझा देंगे—

1. मैरिज नोटिस देना (Notice of Intended Marriage)

शादी करने वाले लड़का-लड़की को अपने जिले के Marriage Registrar Office में एक लिखित नोटिस देना होता है।
यह नोटिस शादी से 30 दिन पहले देना अनिवार्य है।

2. जरूरी दस्तावेज़ जमा करना

नोटिस के साथ नीचे दिए गए दस्तावेज़ जमा किए जाते हैं—

✔ उम्र का प्रमाण

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • 10वीं की मार्कशीट

✔ पहचान पत्र

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • पासपोर्ट

✔ पता प्रमाण

  • राशन कार्ड
  • बिजली/पानी का बिल
  • किरायानामा (Rent Agreement)

✔ पासपोर्ट फोटो

  • 6-6 फ़ोटो (लड़का व लड़की)

✔ अगर पहले शादी हुई थी

  • तलाक डिक्री (Divorce Decree)
  • या पति/पत्नी की मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)

3. 30 Days Public Notice Period

नोटिस जमा होने के बाद रजिस्ट्री ऑफिस इसे 30 दिनों के लिए सार्वजनिक (Public Notice) करता है, ताकि अगर किसी को शादी पर आपत्ति हो तो वह दर्ज कर सके।


4. शादी का रजिस्ट्रेशन (Registration of Marriage)

30 दिन बाद, अगर कोई आपत्ति नहीं आती, तो—

✔ लड़का-लड़की
✔ 3 गवाह
✔ विवाह रजिस्टार

सामने उपस्थित होकर शादी का रजिस्ट्रेशन करते हैं।


5. Marriage Certificate जारी होना

शादी रजिस्टर होते ही आपको Marriage Certificate मिल जाता है।
यही डॉक्यूमेंट आपकी शादी का कानूनी प्रमाण (Legal Proof) होता है।


Court Marriage के लिए जरूरी शर्तें

  • लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • दोनों मानसिक रूप से स्वस्थ हों।
  • दोनों में से कोई भी पहले से शादीशुदा न हो (जब तक तलाक/विधवा प्रमाण न हो)।
  • दोनों की स्वेच्छा (mutual consent) जरूरी है।

Conclusion

अगर आप यह सोच रहे थे कि “Court Marriage kaise hoti hai?”, तो उम्मीद है कि अब आपको पूरी जानकारी मिल गई होगी।
यह एक पूरी तरह सुरक्षित, कानूनी और सरल प्रक्रिया है, जिसमें सही दस्तावेज़ और 30-दिवसीय नोटिस के बाद शादी आसानी से रजिस्टर हो जाती है।

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